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दिल्ली वालों का दिल हुआ स्मार्ट




-पानी से लेकर सार्वजनिक शौचालय और स्मार्ट बाइक करती है यहां आकर्षित
-अॉनलाइन मिल जाती है पार्किंग की जानकारी 



वर्ष 2016 में केंद्र सरकार ने देशभर में 100 स्मार्ट सिटी (smartcitydelhi) बनाने की घोषणा की गई थी। इसमें राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से नई दिल्ली नगर पालिका परिषद् (NDMC) इलाके को स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित करने के लिए चयनित किया गया था। इसके तहत इस इलाके में स्वच्छ पेयजल के साथ, स्मार्ट सड़कें, लास्ट माइल कनेक्टिविटी और इलाके का सुंदरीकरण किया जाना था। डिजीटल तकनीकी के सहारे यहां के निवासियों की जिंदगी को अासान बनाना था। स्मार्ट सिटी घोषित होने के बाद एनडीएमसी ने यहां साईकिल किराये पर देने से लेकर, स्मार्ट एलईडी स्क्रीन और स्मार्ट पार्किंग जैसी सुविधाओं को शुरू किया है। पर यह अभी आधा सफर है, पूरा सफर अभी बाकि है। 
एनडीएमसी इलाके को स्वच्छता के लिए जाना जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत यह कि राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में यह अभी तक पहले स्थान पर नहीं आ पाया है। झुग्गी बस्तियों में अब भी गंदगी की समस्या है। इतना ही नहीं, कई झुग्गी बस्तियाें में अभी तक पानी की पाइप लाइन नहीं पहुंची है। इनमें रहने वाले लोगों को जहां-झुग्गियां हैं वहीं मकान देने की घोषणा हुई थी, लेकिन इस पर अभी कोई कार्य जमीन पर नहीं दिखता है। अब बात दिल्ली की, एनडीएमसी इलाके और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के कुछ इलाके को छोड़ बाकि इलाके आज भी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था दुरूस्त नहीं है। जगह-जगह कूड़े का ढेर है। सवाल उठता है कि जब देश की राजधानी ही स्मार्ट सिटी होने से कोसों दूर है तो फिर देश के बाकि शहरों के स्मार्ट होना असंभव जैसी चीज लगती है। पूरी दिल्ली में  

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नहीं बन पाया कनॉट प्लेस व खान मार्केट ट्रैफिक मुक्त 

कनॉट प्लेस का इलाका अक्सर जाम के लिए भी सुर्खियों में रहता है। पीक अॉवर में यहां वाहनों का दवाब बढ़ने की वजह से वाहन सड़क पर रेंगने लगते हैं। इसकी वजह से यहां वाहनों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। हालांकि, स्मार्ट सिटी के तहत एनडीएमसी द्वारा कनॉट प्लेस के इनर सर्कल को ट्रैफिक से मुक्त करना था। यहां पर वाहनों पर सौ फीसद प्रवेश की पाबंदी की योजना थी, लेकिन एनडीएमसी को इस पर अभी कोई सफलता नहीं मिली है। स्मार्ट सिटी के तहत एनडीएमसी द्वारा इनर सर्कल को वाहन मुक्त करके पैदल चलने वाले के लिए सुविधाजनक बनाना था। यह भी संभव नहीं है। क्योंकि, यहां पर सतही पार्किंग की बहुत बड़ी संख्या है। जिसमें यहां आने वाले लोग वाहन खड़ा कर खरीदारी करते हैं। इसके साथ ही खान मार्केट को भी वाहन मुक्त करना था। इस मामले में एनडीएमसी अपना बचाव करते हुए कहती है कि दिल्ली पुलिस इसका वैकल्पिक उपाय नहीं ढूंढ पाई जिसकी वजह से यह संभव नहीं हो पाया। 

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दिन में फूल तो रात में लाइटें करती हैं आकर्षित 

एनडीएमसी इलाके में स्मार्ट सिटी के तहत न केवल सार्वजनिक सुविधाओं को सरल करना है बल्कि यह साफ और सुंदर दिखे इसके भी प्रयास करने थे। इसके तहत निगम ने अपने पार्कों, गोल चौराहों और सड़कों का सुंदरीकरण किया। इसके तहत दो दर्जन गोल चक्करों का सुंदरीकरण किया गया। यह फव्वारे दिन के समय धूल वाले प्रदूषण को कम करने में सहायक होते हैं, वहीं रात में रंग बिरंगी लाइटों वाले फव्वारें लोगों को आकर्षित करते हैं। एनडीएमसी के अनुसार, विभिन्न मौसम में ऐसे पौधे भी लगाए जाते हैं जिन पर लगने वाले फूल लोगों का मन मोह लेते हैं।

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स्मार्ट शौचालय : जहां एटीएम और होती है स्वास्थ्य की जांच

एनडीएमसी ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रत्येक 500 मीटर पर एक सार्वजनिक शौचालय का लक्ष्य पूरा कर लिया है। इसके तहत भीड़भाड़ वाले इलाके में 70 स्मार्ट सार्वजनिक शौचालय भी बनाए गए हैं। इन सार्वजनिक शौचालयों में स्वच्छता के साथ लोगों को एटीएम की सुविधा भी दी जाती है। इतना ही किफायती दामों यहां विभिन्न स्वास्थ्य जांच भी कराई जा सकती है। इसमें बल्ड प्रेशर, शुगर, ईसीजी समेत अन्य कई जांचें की जाती हैं। इतना ही नहीं इन शौचालयों को हर वक्त स्वच्छ रखा जाता है। अगर यह शौचालय स्वच्छ न मिले तो नागरिक यहां लगे फीडबैक मशीन से भी इसकी शिकायत कर सकते हैं।

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स्मार्ट साइकिल : एनडीएमसी इलाके में 50 से अधिक स्थलों पर स्मार्ट साईकिल की सुविधा उपलब्ध कराई है। जिसे मोबाइल एप से किराये पर लिया जा सकता है। साईकिल से जाने वाले लोग एनडीएमसी इलाके में इन साईकिल का उपयोग कर सकते हैं। खास बात यह है कि एक साईकिल को दूसरे साईकिल स्टैंड पर खड़ी करने की सुविधा है। पहले आधा घंटे पंजीकृत उपभोक्ताओं के लिए यह सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती है। आगे के लिए तय शुल्क देना पड़ता है। एनडीएमसी स्मार्ट सिटी के तहत ही इन स्मार्ट साईकिल के साथ ई-स्कूटर की सुविधा भी उपलब्ध कराने पर कार्य कर रहा है। संभवत: दिसंबर तक दिल्ली में ई-स्कूटर लोगों को किराये पर मिल सके। यह ई-स्कूटर बिजली से चलेंगे साथ ही एनडीएमसी इलाके में इधर-उधर जाने के लिए उपयोग किया जा सकेगा। 

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स्मार्ट पोलः एक पोल से लाइट और वाईफाई और कैमरा रखता है हर पल की खबर 

एनडीएमसी इलाके में स्मार्ट सिटी के तहत 55 स्मार्ट पोल एनडीएमसी इलाके में लगाए गए हैं। यहां स्मार्ट पोल एलईडी लाइट के साथ सीसीटीवी कैमरे भी लगें है। इतना ही नहीं वाईफाई स्पॉट के साथ प्रदूषण मापने के लिए यंत्र भी लगा हुआ है। इसके जरिये पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा का पता लगाया जा सकता है। यहां से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर एनडीएमसी उस क्षेत्र में प्रदूषण से निपटने के उपायों पर कार्य करता है। एनडीएमसी के मुताबिक, पूरे एनडीएमसी इलाके को स्मार्ट पोल से लैस करना है। साथ ही आने वाले दिनों में इन स्मार्ट पोल में पैनिक बटन भी उपलब्ध कराया जाएगा। यह पैनिक बटन पोल पर तीन फीट की ऊंचाई पर लगा होगा। इस पैनिक बटन में कैमरा लगा होगा और स्पीकर भी होगा। बटन दबाने से सीधे व्यक्ति एनडीएमसी कंट्रोल रूम से जुड़ जाएगा। इसके बाद उसके फीडबैक के बाद उसे आपातकालीन सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा इस पर लगे वाई-फाई हॉट स्पॉट से नि:शुल्क वाई-फाई की सुविधा उपयोग की जा सकती है। 

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स्मार्ट स्क्रीन : स्मार्ट स्क्रीन जहां चलते फिरते कर सकते हैं टिकट बुक 

एनडीएमसी इलाके में अगर आप चल रहे हैं तो आपको टिकट बुक करने के लिए किसी साइबर कैफे ढूंढने की जरूरत नही है। एनडीएमसी इलाके में जगह-जगह पर स्मार्ट स्क्रीन लगाई गई है। जिसमें न केवल बिजली पानी का अॉनलाइन बिल जमा किया जा सकता है, बल्कि दिल्ली के पर्यटन स्थलों की जानकारी भी मिल सकती है। यहां से रेल और हवाई टिकट भी बुक किए जा सकते है। इस स्मार्ट स्क्रीन पर एक तरफ विज्ञापन और एक तरफ इन सभी सुविधाओं के लिए टच स्क्रीन उपलब्ध है। 

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