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Showing posts from December, 2016

हुजुर आते-आते बहुत देर कर दी

नई दिल्ली । बहुत देर से दर पे आँखें लगी थीं,हुज़ूर आते-आते बहुत देर कर दी, मसीहा मेरे तूने
बीमार-ए-ग़म की दवा लाते-लाते बहुत देर कर दी। मशहूर हिन्दी फिल्म तवायफ के गाने के यह बोल दिल्ली भाजपा के साल के हिसाब पूरी तरह सटीक है। जी हां इस पूरे गाने दिल्ली भाजपा के पूरे साल का हिसाब चंदे सैंकड़ो में लगाया जा सकता है। क्योंकि दिल्ली भाजपा के लिए वर्ष 2016 आत्महत्या का साल रहा यां यू कह लिजिए कि अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने वाला साल रहा। हालांकि पार्टी के का दूसरा धड़ा मनोज तिवारी से कई उम्मीदें करके भी बैठा है । इस धड़े का मानना है कि तिवारी के आने से भाजपा को एक नई ऊर्जा मिलेगी और अगामी चुनाव में पार्टी को  जीत भी मिलेगी। क्योंकि पार्टी को पूर्वांचली कार्ड सफल होते दिखाई दे रहा है। मनोज तिवारी द्वारा की जा रही जनसभाओं में आने वाली भीड़ भी बढ़ गई है। पहले प्रदेश अध्यक्षों की भीड़ के लिए भाजपा को एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ता था, लेकिन पार्टी को लोगों का अपार जनसमर्थन मिल रहा है। 
खुद भाजपाईयों का मानना है कि  30 नवम्बर 2016 को दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय की जगह मनोज तिवारी को बना…