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1 जुलाई 2016 को पंजाब केसरी में प्रकाशित



 7 जुलाई को दैनिक हिन्दुस्तान में प्रकारशित

खबर की सॉफ्ट कॉपी
देश और विदेश में राजधानी दिल्ली की छवि सुधारने के लिए दिल्ली सरकार जुलाई के मध्य में भिखारी मुक्त अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान के तहत न केवल भिखारियों को पकड़ा जाएगा, बल्कि भिखारियों का पुर्नउद्धार हो सकें इसके लिए विशेष अभियान भी सरकार चलाएगी। मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली का सामाजिक कल्याण विभाग ने भिखारी मुक्त अभियान की योजना तैयार की है। जिसके पहले चरण की कड़ी में जुलाई में शुरू किया जा रहा है।

दिल्ली सरकार के विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि भिखारी मुक्त अभियान के लिए दिल्ली सरकार ने विशेष अभियान चलाऩे का फैसला लिया है। जिसके जरिए दिल्ली के विभिन्न इलाकों में भिखारियों को पकड़ा जाएगा। दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री संदीप जैन दिल्ली के कनाट पैलेस में इस अभियान का शुंभआरंभ करेंगे।इसके लिए दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर दिल्ली सरकार ने सात टीमें गठित की है। यह टीमें दिल्ली के विभिन्न इलाकों मे जाकर भिखारियों को पकड़ेगी। सूत्रों ने बताया कि अभियान का पहला चरण परिक्षण के आधार पर चलेगा। अगर यह प्रयोग सफल हुआ तो आगे भी यह जारी रहेगा।

समाज कल्याण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देश की राजधानी होने की वजह न केवल अन्य राज्यों के लाखों पर्यटक दिल्ली में आते हैं बल्कि विदेशों से भी आने वाले पर्यटकों की भी संख्या की बढ़ी तादात होती है। लेकिन जब वह पर्यटक दिल्ली के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर जाते हैं तो उन्हें भिखारियों का सामना करना पड़ता है। कई घटनाएं सामने आई है कि भिखारियों की वजह से पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। इसकी वजह से पर्यटक दिल्ली की नकारात्मक छवि लेकर जाते है। अगर दिल्ली को भिखारी मुक्त बना दिया गया तो

होगी विडियों ग्राफी, चालू होंगे मोबाइल कोर्ट

दिल्ली सरकार के सूत्रों ने बताया कि भिखारियों को पकड़ने के लिए चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत भिखारियों की विडियों ग्राफी की जाएगी। जिसके बाद भिखारियों के लिए बनी मोबाइल कोर्ट में इन्हें इस विडियों के आधार पर पेश किया जाएगा। जानकारों की मानें तो जब भिखारियों को पकड़ा जाता है तो उन्हें मोबाइल कोर्ट में पेश किया जाता है। लेकिन अक्सर देखने में आया है कि भिखारी को जब कोर्ट में पेश किया जाता है तो उनका भिखारी होने को साबित नहीं किया जाता। क्योंकि इसके पीछे एक बढ़ा रैकेट काम करता है जो इन मोबाइल कोर्ट से भिखारियों को रिहा करा लेता है। इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार भिखारी मुक्त अभियान के लिए खुफिया कैमरों के साथ समान्य कैमरों से भी रिकार्डिंग करेगी।

लामपुर में पुर्नउद्धार सैंटर में दी जाएगी रोजगार की ट्रैनिग

सूत्रों के मुताबिक भिखारी मुक्त दिल्ली अभियान के तहत दिल्ली सरकार जिन भिखारियों को पकड़ेगी उनका पुर्नउद्धार लाम पुर स्थित भिखारी पुर्नउद्धार केन्द्र में किया जाएगा। जहां महिलाओं को सिलाई की ट्रैनिंग तो वहीं पुरूषों को रोजगार की विभिन्न विधाएं सिखाई जा

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