Skip to main content

गर्मी में वॉटर पार्क, यानि मस्ती पॉवरकूल

दिल्ली में वॉटर पार्क में बुझाएं गर्मी

बढ़ती गर्मी ने दिल्ली का पारा बढ़ा दिया है। ऐसे में दिल्ली में बने यह वॉटर पार्क आपकी गर्मी को दूर कर सकते है। दिल्ली के अलग-अलग कौने में बने वॉटर पार्क में आप अपनी गर्मी को ठंडा कर सकते है। मौज मस्ती और खाने के साथ पूरा परिवार भी इन वॉटर पार्क में जा सकता है। साथ ही पूरे दिन को मस्ती से भरा बना सकता है। अगर आप गर्मी में परिवार के साथ एक दिन के मस्ती करना चाहते हैं तो यह वॉटर पार्क आपके एक दिन को मस्ती भरा बना सकते है।

दो से तीन दिन का भी होता है पैकेज
अक्सर वॉटर पार्क की सोच कर ऐसा लगता है कि यह सिर्फ एक दिन के लिए हो सकता है। लोगों  में आम धारणा है कि सुबह से लेकर शाम तक इन वॉटर पार्क में मस्ती की जा सकती है। जबकि ऐसा नहीं है। दिल्ली के कई नामी गिरामी वॉटर पार्क है, जिसमें 2-3 दिन का पैकेज होता है। जिसमें न केवल पूरा परिवार आउटिंग की योजना बना सकता है बल्कि पूरा परिवार एक साथ पूरी मस्ती कर सकता है। कई वॉटर पार्क्स तो दिन में मौज मस्ती के साथ रात में स्थानीय कलाओं के साथ संस्कृति को भी दिखाते है।
किफायती मौज मस्ती
वॉटर पार्क को अगर किफायती मौज मस्ती का नाम दिया जाएं तो यह कोई गलत नहीं होगा। दिल्ली में करीब आधा दर्जन वॉटर पार्क चल रहे है। सभी की फीस का मिला जुला असर निकाला जाए तो यह काफी किफायती है। इसमें एक दिन का पैकेज  अगर आप लेना चाहें तो  3800 रूपए में मिल सकता है, तो वही दोपहर 12 बजे से 12 रात तक का पैकेज भी सात हजार तक मिल सकता है। इस पैकेज की खास बात यह है कि छोटी फैमली इसका पूरा लाभ ले सकती है। जिसमें एक पति-पत्नी के साथ दस साल से कम उम्र का बच्चा भी इस पैकेज में शामिल हो सकता है।  वहीं अगर आप फैमली के साथ वॉटर पार्क में दो –तीन दिन की मस्ती करना चाहते हैं तो 7200 रूपए तक का पड़ सकता है।
योजना बनाने से पहले ले पूरी जानकारी
अगर आप दिल्ली में वॉटर पार्क में मौज मस्ती करने जाने का प्लान बना रहे हैं तो आप इंटरनेट या फोन के माध्यम से वॉटर पार्क की सुरक्षा और पैकेज की पूरी जानकारी ले लेँ । जाने से पहले  इंटरनेट पर वॉटर पार्क की जानकारी ले। ताकि वहां पहुंचने पर जेब खाली होने का एहसास न हो। ज्यादातर वॉटर पार्क अपने हिसाब से पैकेज बनाते है। इ
सलिए जाने से पहले पैकेज में खाने की जानकारी के साथ लोगों की संख्या का भी पता कर लेँ।
- निहाल सिंह (लेखक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबार में कार्यरत्त है)


Comments

Popular posts from this blog

मुझे नौकरी चाहिए ... क्या आप मेरी मदद करेंगे

प्रिय मान्यवर, बंधुवर में आपको सूचित कर रहा रहा हु कि  में निहाल सिंह मेने भीम राव अम्बेडकर कॉलेज से पत्रकारिता कि पढाई  को पूरा कर लिया हैं.. और आप अवगत होंगे कि हर विद्याथी को कॉलेज से निकलने क बाद एक नौकरी कि तलाश होती हैं.. इस तरह मुझे भी एक नौकरी कि तलाश हैं... आप पिछले लगभग दो वर्ष से मेरे व्यवहार से भी से भी अच्छी  तरह परिचित हो गये होंगे. और नौकरी किसी भी संस्थान में मिले चाहे और प्रिंट और चाहे और किसी में भी में तैयार हु. बस में किसी भी तरह  से शुरुवात  करना चाहता हु.  मुझे आशा हैं कि आप किसी न किसी रूप में मेरी मदद करेंगे ...  जब आपको लगे कि आप मेरी मदद कर सकते हैं तो कृपया मुझे बस एक फोन कॉल कर दे  में इस मेल के साथ अपना रिज्यूमे भी सेंड कर रहा हु  आप देख ले..   धन्यवाद  निहाल सिंह E- MAIL-  nspalsingh@gmail.com                    CURRICULUM VITAE NIHAL SINGH   M o b il e : 0 E - M a il : nspalsingh@gmail.com. Blog  : aatejate.blogspot.com.   Career Objectives:- Looking for a position in a result-oriented organization whe

दिल्ली वालों का दिल हुआ स्मार्ट

-पानी से लेकर सार्वजनिक शौचालय और स्मार्ट बाइक करती है यहां आकर्षित -अॉनलाइन मिल जाती है पार्किंग की जानकारी   वर्ष 2016 में केंद्र सरकार ने देशभर में 100 स्मार्ट सिटी (smartcitydelhi) बनाने की घोषणा की गई थी। इसमें राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से नई दिल्ली नगर पालिका परिषद् (NDMC) इलाके को स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित करने के लिए चयनित किया गया था। इसके तहत इस इलाके में स्वच्छ पेयजल के साथ, स्मार्ट सड़कें, लास्ट माइल कनेक्टिविटी और इलाके का सुंदरीकरण किया जाना था। डिजीटल तकनीकी के सहारे यहां के निवासियों की जिंदगी को अासान बनाना था। स्मार्ट सिटी घोषित होने के बाद एनडीएमसी ने यहां साईकिल किराये पर देने से लेकर, स्मार्ट एलईडी स्क्रीन और स्मार्ट पार्किंग जैसी सुविधाओं को शुरू किया है। पर यह अभी आधा सफर है, पूरा सफर अभी बाकि है।   एनडीएमसी इलाके को स्वच्छता के लिए जाना जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत यह कि राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में यह अभी तक पहले स्थान पर नहीं आ पाया है। झुग्गी बस्तियों में अब भी गंदगी की समस्या है। इतना ही नहीं, कई झुग्गी बस्तियाें में अभी तक पानी की पाइप लाइन

एक पत्रकार की शादी का कार्ड

जैसा कि आपकों पता है कि गत वर्ष 26 नवम्बर 2015 को मेरी शादी हुई। वैसे तो हर प्रोग्राम में इंशान के खट्टे मीठे पल होते हैं। लेकिन बात जब शादी की हो तो केवल मीठे पल ही याद रखने चाहिए। क्योंकि दोस्तों का कहना है कि शादी के बाद खट्टे पल ही नजर आते हैं। हालांकि अभी तक तो जिंदगी बहुत सुंदर चल रही हैं। मैं और मेरी धर्मपत्नी नीलम एक दूजे से बहुत खुश है। यह तो रही शादी के बाद की बात अब आपकों शादी से पहले की ओर ले चलता हूं। शादी तय हो गई थी। परिवार की रजामंदी और मेरी पंसद से नीलम के साथ मेरा विवाह हुआ। वर्ष 2015 के 5 मार्च को हम दोनों ने एक दूसरे को पूर्वी दिल्ली के नीलम माता मंदिर में देखा था। और देखने के बाद मेरे परिवार और मुझे भी नीलम पंसद आ गई थी। इसके बाद शादी की तैयारियां शुरू हो गई थी। सबसे पहले की रस्म थी। रोके की रस्म । यह रस्म भी खूब धूमधाम से मनाई गई। मैं और मेरा परिवार नाते रिश्तेदारों के साथ 20 अप्रैल को नीलम के निवास पर गोद भराई अर्थात रोके की रस्म के लिए गए। यहां हम दोनों ने समाज के सामने एक दूजें को अगुठियां पहना कर अपना लिया। इसके बाद बातों का सिलसिला चला और शादी की त