Skip to main content

आज नींद अचानक क्यों टूट गयी..


आज पता नही क्यों पर मेरी आंख रात्रि के समय दो बजे ही खुल गयी। मुझे भी समझ नही आ रहा क्यों आज मुझे नींद नही आ रही है। लेटे हुए दिमाग इधर-उधर धूमने लगा की आखिर आज नींद यू अचानक कैसे टूट गयी। ऐसा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ जब हुआ करता है जब कोई अपना नजदीकी या तो संकट मैं होता है या फिर कुछ गलत होने वाला होता है। अब तो बस प्रभु मालिक है कि आज एकदम अचानक नींद क्यों टूटी  । इस नींद टूटने के कारण जो भी हो लेकिन एक बात मेरे मस्तिष्क में गोल-गोल धूम रही है कि मैं कुछ ज्यादा ही भावनाओं बह जाता हूं। कभी-कभी यह भी सोचता हूं कि मैं इस तरीके  लोगों के सामने राष्टवादी विचारों को रखता हू तो कही उनको यह न लगता हो कि यह तो मूर्ख है कुछ ज्यादा ही भावनाओं में संवेदनशील हो जाता है। बहरहाल जो भी मैं जिस विचार का समर्थक हू और जहां तक उन विचारों के मै अभी तक समझ पाया हू उन विचारों को जन्म देने वाले गौरवशाली व्यक्तियों ने कभी इस बात की परवाह नही की लोग आपके राष्ट के हित मैं किए गए काम को लेकर क्या सोचते है। उन्होनें तो सिर्फ इस बात की परवाह की किस तरह ज्यादा-ज्यादा से सनातनी का भला हो।

Comments

Popular posts from this blog

मुझे नौकरी चाहिए ... क्या आप मेरी मदद करेंगे

प्रिय मान्यवर, बंधुवर
में आपको सूचित कर रहा रहा हु कि  में निहाल सिंह मेने भीम राव अम्बेडकर कॉलेज से पत्रकारिता कि पढाई  को पूरा कर लिया हैं.. और आप अवगत होंगे कि हर विद्याथी को कॉलेज से निकलने क बाद एक नौकरी कि तलाश होती हैं.. इस तरह मुझे भी एक नौकरी कि तलाश हैं... आप पिछले लगभग दो वर्ष से मेरे व्यवहार से भी से भी अच्छी  तरह परिचित हो गये होंगे. और नौकरी किसी भी संस्थान में मिले चाहे और प्रिंट और चाहे और किसी में भी में तैयार हु. बस में किसी भी तरह  से शुरुवात  करना चाहता हु.  मुझे आशा हैं कि आप किसी न किसी रूप में मेरी मदद करेंगे ...
 जब आपको लगे कि आप मेरी मदद कर सकते हैं तो कृपया मुझे बस एक फोन कॉल कर दे
 में इस मेल के साथ अपना रिज्यूमे भी सेंड कर रहा हु  आप देख ले..
धन्यवाद 
निहाल सिंह
E- MAIL- nspalsingh@gmail.com



CURRICULUM VITAE
NIHAL SINGH   Mobile: 0 E-Mail: nspalsingh@gmail.com.
Blog 
: aatejate.blogspot.com.
Career Objectives:-
Looking for a position in a result-oriented organization where acquired skills and education will be utilized towards continuous growth and advancement and…

एक पत्रकार की शादी का कार्ड

जैसा कि आपकों पता है कि गत वर्ष 26 नवम्बर 2015 को मेरी शादी हुई। वैसे तो हर प्रोग्राम में इंशान के खट्टे मीठे पल होते हैं। लेकिन बात जब शादी की हो तो केवल मीठे पल ही याद रखने चाहिए। क्योंकि दोस्तों का कहना है कि शादी के बाद खट्टे पल ही नजर आते हैं। हालांकि अभी तक तो जिंदगी बहुत सुंदर चल रही हैं। मैं और मेरी धर्मपत्नी नीलम एक दूजे से बहुत खुश है। यह तो रही शादी के बाद की बात अब आपकों शादी से पहले की ओर ले चलता हूं। शादी तय हो गई थी। परिवार की रजामंदी और मेरी पंसद से नीलम के साथ मेरा विवाह हुआ। वर्ष 2015 के 5 मार्च को हम दोनों ने एक दूसरे को पूर्वी दिल्ली के नीलम माता मंदिर में देखा था। और देखने के बाद मेरे परिवार और मुझे भी नीलम पंसद आ गई थी। इसके बाद शादी की तैयारियां शुरू हो गई थी। सबसे पहले की रस्म थी। रोके की रस्म । यह रस्म भी खूब धूमधाम से मनाई गई। मैं और मेरा परिवार नाते रिश्तेदारों के साथ 20 अप्रैल को नीलम के निवास पर गोद भराई अर्थात रोके की रस्म के लिए गए। यहां हम दोनों ने समाज के सामने एक दूजें को अगुठियां पहना कर अपना लिया। इसके बाद बातों का सिलसिला चला और शादी की तैयारिया श…

दैैनिक जागरण