Skip to main content

निहाल सिहं । नई दिल्ली ।।  जेल में बंद करा देगें जानते नही हो हम कौन है। आजकल राजधानी दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट के वकील यही कहते नजर आते है। कोर्ट के स्टांप पेपर बिक्री काउंटर समस्यओं का पहाड़ है। प्रशासन की मिली भगत से अवैध पार्किंग की समस्या आम बन चुकी है। धूप और बारिश में खडें होकर लोग स्टांप पेपर खरीदने को मजबूर है। स्टांप पेपर के खिड़की पर गंदगी आदि सब समस्याए आम बन चुकी है। न तो प्रशासन इसकी ओर ध्यान देता है । और दे भी क्यों क्योंकि कोर्ट में सब चलता है।
स्टांप पेपर बिक्री काउटर पर स्टांप पेपर बिक्री कर्मचारी की बदतमजी के लोग  आदि हो चुके है। कर्मचारी और कोर्ट परिसर में घूमते स्टांप पेपर के दलालों की मिली भगत से सब कुछ चल रहा है। क्योंकि दलाल और वकील मिलकर
कर्मचारी के हौसलें को बुलंद करते है।  भारी कमीशन के लालच में कर्मचारी सरेआम वकीलों और दलालो को खिड़की के अंदर से ही स्टांप पेपर को मुहैया करा देता है। जब लाइन में लगे हुए लोग इस बात को विरोध करते है, तो उन्हें विरोध करने के पर धमकियां दी जाती है कि ज्यादा विरोध किया तो जेल में बंद करा देगें। और पता भी नही चलेगा कहा गायब करा दिए जाओगें। कभी कभी तो ये लोग स्टांप काउंटर पर खडें लोगो के साथ गाली गलौच भी करते नज़र आ जाते है।
   दक्षिणी पुरी में रहने वाले निशांत का कहना है था कि में यहा पर पिछले एक घंटे से लाइन में लगा हुआ हूँ। लेकिन मेरा आगे सिर्फ चार व्याक्ति खडे हुए है लेकिन एक घंटा लाइन ख़डे होने पर मुझे स्टांप पेपर मिला है। स्टांप पेपर बिक्री कर्मचारी का व्यवहार बहुत ही खराब है।

विजय शेट ने कहा कि ये लोग आम जनता को वेबखूफ बनाते है । दलालों से मिली भगत होने के कारण ये दलालों को स्टांप पेपर बेच देते है। जिससे ये दलाल भारी कमीशन पर लोगों को बेच देते है ।  स्टांप पेपर बिक्री कर्मचारी जानबूझ कर लोगों के साथ गलत तरीके से पेश आता है ताकि मजबूर होकर लोग दलालों से स्टांप पेपर को खरीदे।
सूत्रो ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दलालों को एक ग्रोह बहुत ही सक्रीय है । और यह ग्रोह कर्मचारियों से मिलकर काम करता है ।जिससे कर्मचारियों को  भी अच्छा खासा कमीशन मिल जाता है ।

Comments

Popular posts from this blog

एक पत्रकार की शादी का कार्ड

जैसा कि आपकों पता है कि गत वर्ष 26 नवम्बर 2015 को मेरी शादी हुई। वैसे तो हर प्रोग्राम में इंशान के खट्टे मीठे पल होते हैं। लेकिन बात जब शादी की हो तो केवल मीठे पल ही याद रखने चाहिए। क्योंकि दोस्तों का कहना है कि शादी के बाद खट्टे पल ही नजर आते हैं। हालांकि अभी तक तो जिंदगी बहुत सुंदर चल रही हैं। मैं और मेरी धर्मपत्नी नीलम एक दूजे से बहुत खुश है। यह तो रही शादी के बाद की बात अब आपकों शादी से पहले की ओर ले चलता हूं। शादी तय हो गई थी। परिवार की रजामंदी और मेरी पंसद से नीलम के साथ मेरा विवाह हुआ। वर्ष 2015 के 5 मार्च को हम दोनों ने एक दूसरे को पूर्वी दिल्ली के नीलम माता मंदिर में देखा था। और देखने के बाद मेरे परिवार और मुझे भी नीलम पंसद आ गई थी। इसके बाद शादी की तैयारियां शुरू हो गई थी। सबसे पहले की रस्म थी। रोके की रस्म । यह रस्म भी खूब धूमधाम से मनाई गई। मैं और मेरा परिवार नाते रिश्तेदारों के साथ 20 अप्रैल को नीलम के निवास पर गोद भराई अर्थात रोके की रस्म के लिए गए। यहां हम दोनों ने समाज के सामने एक दूजें को अगुठियां पहना कर अपना लिया। इसके बाद बातों का सिलसिला चला और शादी की तैयारिया श…

दैैनिक जागरण

RTI FORMAT- आरटीआई प्रथम अपील के आवेदन का प्रारुप

मित्रों आप जब किसी विभाग में आरटीआई फाईल करे और आपको 30 दिनों के भीतर जवाब न मिलें तो आप इस तरह के प्रारुप का इस्तेमाल करके प्रथम अपील फाईल कर सकते है।
-------------------------------------------------------------------------
-- प्रारुप को देखने के बाद सुझाव आमत्रित है..
=================================================

सेवा में,                                                               दिनांक......................... प्रथम अपीलीय अधिकारी, .......विभाग का नाम और पता........................... .................................... विषय- सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 19 के तहत प्रथम अपीलीय अधिकारी के समझ अपील। मान्यवर, मैने आपके कार्यलय में दिनांक ......................... को कुछ सूचनाओं के लिए आवेदन दिया था । मान्यवर आवेदन के संबध में सूचना अधिकारी महोदय द्वारा जो सूचनाए उपलब्ध कराई गयी है वह अधूरी व अस्पष्ट है। साथ ही इन सूचनाओं से मै संतुष्ठ नही हूं। कृपया करके मुझे स्पष्ट व पूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराने का कष्ट करें। मूल आवेदन की छाया प्रति संलग्न है।                                      …