Posts

Showing posts from July, 2012

अन्ना के समर्थन मे कांटो पर लेटा युवक

Image
नई दिल्ली (हि.स.) जनलोकपाल और केन्द्रीय मंत्रियों के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार को लेकर विशेष जांच दल के गठन की मांग को लेकर आंदोलनरत टीम अन्ना के अनशन में बढ़ रही भीड़ को देखकर लोगों में जोश भरता जा रहा है। इस दौरान अन्ना समर्थक अलग-अलग वेश-भूषा में अनशन स्थल पर देखे जा सकते हैं। इतना ही नहीं मंगलवार को उत्तर प्रदेश का एक युवक कांटो भरे पेड़ की डालियों पर लेटकर अन्ना के समर्थन में अनशनरत है।  उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के छोटे से कस्बें से आया हुआ एक युवक लोगों में आंदोलन का प्रतीक बन रहा है। 27 वर्षीय सत्यनारायण सिसोदिया बबूर के पेड़ की ड़ाली पर लेट कर अनशनरत हैं। उनका कहना है कि देश में युवाओं के होते हुए भी हमारे बुजुर्ग अन्ना हजारे अनशन पर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्ट्राचार के कारण भारत माता काटों पर लैटी हुई हैं इसलिए अपनी भारत मां के लिए मैं भी कांटो पर लेट कर अनशन कर रहा हूं। अक्सर देखा गया है कि अन्ना के आंदोलन में लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए लोग अक्सर नए-नए तरीकों से आंदोलन में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। कोई अनशन में अपने शरीर पर तिरंगा छपावकर लोगों को आकर्षित क…
Image
निहाल सिहं । नई दिल्ली ।।  जेल में बंद करा देगें जानते नही हो हम कौन है। आजकल राजधानी दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट के वकील यही कहते नजर आते है। कोर्ट के स्टांप पेपर बिक्री काउंटर समस्यओं का पहाड़ है। प्रशासन की मिली भगत से अवैध पार्किंग की समस्या आम बन चुकी है। धूप और बारिश में खडें होकर लोग स्टांप पेपर खरीदने को मजबूर है। स्टांप पेपर के खिड़की पर गंदगी आदि सब समस्याए आम बन चुकी है। न तो प्रशासन इसकी ओर ध्यान देता है । और दे भी क्यों क्योंकि कोर्ट में सब चलता है। स्टांप पेपर बिक्री काउटर पर स्टांप पेपर बिक्री कर्मचारी की बदतमजी के लोगआदि हो चुके है। कर्मचारी और कोर्ट परिसर में घूमते स्टांप पेपर के दलालों की मिली भगत से सब कुछ चल रहा है। क्योंकि दलाल और वकील मिलकर
कर्मचारी के हौसलें को बुलंद करते है।भारी कमीशन के लालच में कर्मचारी सरेआम वकीलों और दलालो को खिड़की के अंदर से ही स्टांप पेपर को मुहैया करा देता है। जब लाइन में लगे हुए लोग इस बात को विरोध करते है, तो उन्हें विरोध करने के पर धमकियां दी जाती है कि ज्यादा विरोध किया तो जेल में बंद करा देगें। और पता भी नही चलेगा कहा गायब करा दिए…

रेहड़ी-खोमचों पर खाद्य सामग्री के लिए बनाए मानक

Image
तरुण वत्स/ निहाल सिहं। अक्सर घर से बाहर जाकर आपका दिल गोल-गप्पे, फल, चाट आदि खाने का होता होगा। आप शौक व स्वाद में रेहड़ी, खोमचों से ऐसी वस्तुएं खा तो लेते हैं लेकिन इन रेहड़ी- खोमचे लगाने वालों की साफ-सफाई और गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देते।अब भारतीय मानक ब्यूरो ने जनता के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए रेलवे स्टेशन, ढाबों और गली-मोहल्ले में खाने पीने के सामान के रेहड़ी-खोमचे लगाने वालों के लिए साफ-सफाई और गुणवत्ता के मानक तैयार किए हैं।बी.आई.एसद्वारा तैयार इन मानकों में रेहड़ी या ढाबा कहां लगाना है, खाना कैसे बनाना व परोसना है, किस प्रकार का कच्चा माल, सामग्री का इस्तेमाल करना है, तैयार भोजन को कैसे लाना-ले जाना है,उसे किस प्रकार के बर्तन में रखना है जैसी बातें शामिल हैं।
पिछले कई महीनों में फास्ट फूड व चाट-पकौडे जैसे खाने के सामान लगाने वालों की तादाद बढ़ी है। खासतौर से शहरी इलाकों में इनकी संख्या में भारी बढ़ोत्तरी देखी गई है। अक्सर ये लोग बस-अड्डों, रेलवे स्टेशनों, गली-मोहल्लों, बाजारों में खड़े होकर अपना सामान बेचते नज़र आते हैं। ये अपना माल सस्ता तो देते ही हैं, साथ ही आसानी से उपलब्ध …