Skip to main content

बस स्टैंड या गाडी पार्किंग स्टैंड ?


गाँधी नगर पुस्ता बस स्टैंड पर खड़ी अवैध पार्किंग 

पूर्वी दिल्ली | दिल्ली में जाम कि समस्या आम हो चुकी है इसके बचने क लिए दिल्ली ट्राफिक पुलिस समय समय पर फ़िल्मी सितारों व क्रिकेटरों को द्वारा ट्राफिक नियमो का पालन का प्रचार करते नजर आ जाते है | लेकिन आप को ये तस्वीर देख रहे है ये तस्वीर उन सरे नियमो कि दझिया उडा रही है | ये कोई आम बात नही कि ये सिर्फ चंद घंटो क लिए नही बल्कि आपको ये अवैध जगह खड़े वाहन आपको देर रात तक भी खड़े मिल जायेंगे |
अवैध पार्किंग में क़तर में लगी गाड़िया 
 ये तस्वीर है गाँधी नगर पुस्ता रोड की जहा पर बस स्टैंड व इसके आस पास सेकड़ो गाड़िया अवैध रूप से खड़ी रहती है | जिससे यहाँ के यतायात में तो रुकावट आती ही है साथ ही बस में सफ़र करने वाले मुसाफिरों  को भी  काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है | क्योकि जब बस स्टैंड पर इस तरह से अवैध पार्किंग कर दी जाएगी तो मुसाफिर खा से बस स्टैंड का फ़ायदा उठा पाएंगे |


Comments

Popular posts from this blog

एक पत्रकार की शादी का कार्ड

जैसा कि आपकों पता है कि गत वर्ष 26 नवम्बर 2015 को मेरी शादी हुई। वैसे तो हर प्रोग्राम में इंशान के खट्टे मीठे पल होते हैं। लेकिन बात जब शादी की हो तो केवल मीठे पल ही याद रखने चाहिए। क्योंकि दोस्तों का कहना है कि शादी के बाद खट्टे पल ही नजर आते हैं। हालांकि अभी तक तो जिंदगी बहुत सुंदर चल रही हैं। मैं और मेरी धर्मपत्नी नीलम एक दूजे से बहुत खुश है। यह तो रही शादी के बाद की बात अब आपकों शादी से पहले की ओर ले चलता हूं। शादी तय हो गई थी। परिवार की रजामंदी और मेरी पंसद से नीलम के साथ मेरा विवाह हुआ। वर्ष 2015 के 5 मार्च को हम दोनों ने एक दूसरे को पूर्वी दिल्ली के नीलम माता मंदिर में देखा था। और देखने के बाद मेरे परिवार और मुझे भी नीलम पंसद आ गई थी। इसके बाद शादी की तैयारियां शुरू हो गई थी। सबसे पहले की रस्म थी। रोके की रस्म । यह रस्म भी खूब धूमधाम से मनाई गई। मैं और मेरा परिवार नाते रिश्तेदारों के साथ 20 अप्रैल को नीलम के निवास पर गोद भराई अर्थात रोके की रस्म के लिए गए। यहां हम दोनों ने समाज के सामने एक दूजें को अगुठियां पहना कर अपना लिया। इसके बाद बातों का सिलसिला चला और शादी की तैयारिया श…

दैैनिक जागरण

RTI FORMAT- आरटीआई प्रथम अपील के आवेदन का प्रारुप

मित्रों आप जब किसी विभाग में आरटीआई फाईल करे और आपको 30 दिनों के भीतर जवाब न मिलें तो आप इस तरह के प्रारुप का इस्तेमाल करके प्रथम अपील फाईल कर सकते है।
-------------------------------------------------------------------------
-- प्रारुप को देखने के बाद सुझाव आमत्रित है..
=================================================

सेवा में,                                                               दिनांक......................... प्रथम अपीलीय अधिकारी, .......विभाग का नाम और पता........................... .................................... विषय- सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 19 के तहत प्रथम अपीलीय अधिकारी के समझ अपील। मान्यवर, मैने आपके कार्यलय में दिनांक ......................... को कुछ सूचनाओं के लिए आवेदन दिया था । मान्यवर आवेदन के संबध में सूचना अधिकारी महोदय द्वारा जो सूचनाए उपलब्ध कराई गयी है वह अधूरी व अस्पष्ट है। साथ ही इन सूचनाओं से मै संतुष्ठ नही हूं। कृपया करके मुझे स्पष्ट व पूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराने का कष्ट करें। मूल आवेदन की छाया प्रति संलग्न है।                                      …