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महामुकबला



महामुकबला

भारत और पाकिस्तान के बीच विश्वकप के सेमीफाइनल में की तैयारी अपने चरम पर है और वहीँ दूसरी ओर शबाब पर है भारतीय क्रिकेट प्रेमियों का जुनून,भारत-पाक मुकाबला हमेशा से ही रोमांचकारी रहता है क्योंकि दोनों ही देशों  की आवाम के लिए यह एक खेल से भी कुछ अधिक मायने रखता है| जहाँ इस मुकाबले में भारत अपने घर में हर हाल में जीतकर फ़ाइनल की टिकेट पक्की करना चाहेगा वहीँ  दूसरी ओर पाक टीम भी इस मुकाबले में अपना बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार है  |क्रिकेट के भगवान से देश को महाशातक की उम्मीदें होंगी लेकिन सचिन यह कारनामा कर पायेंगे या नहीं यह कयास लगाना शायद अभी जल्दबाजी होगी |मीच का परिणाम चाहे कुछ भी हो लेकिन मोहाली में हमें अच्छा क्रिकेट देखने को जरुर मिलेगा इसकी पूरी गारंटी है | 


प्रस्तुतकर्ता -अनुग्रह मिश्रा 

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मुझे नौकरी चाहिए ... क्या आप मेरी मदद करेंगे

प्रिय मान्यवर, बंधुवर में आपको सूचित कर रहा रहा हु कि  में निहाल सिंह मेने भीम राव अम्बेडकर कॉलेज से पत्रकारिता कि पढाई  को पूरा कर लिया हैं.. और आप अवगत होंगे कि हर विद्याथी को कॉलेज से निकलने क बाद एक नौकरी कि तलाश होती हैं.. इस तरह मुझे भी एक नौकरी कि तलाश हैं... आप पिछले लगभग दो वर्ष से मेरे व्यवहार से भी से भी अच्छी  तरह परिचित हो गये होंगे. और नौकरी किसी भी संस्थान में मिले चाहे और प्रिंट और चाहे और किसी में भी में तैयार हु. बस में किसी भी तरह  से शुरुवात  करना चाहता हु.  मुझे आशा हैं कि आप किसी न किसी रूप में मेरी मदद करेंगे ...  जब आपको लगे कि आप मेरी मदद कर सकते हैं तो कृपया मुझे बस एक फोन कॉल कर दे  में इस मेल के साथ अपना रिज्यूमे भी सेंड कर रहा हु  आप देख ले..   धन्यवाद  निहाल सिंह E- MAIL-  nspalsingh@gmail.com                    CURRICULUM VITAE NIHAL SINGH   M o b il e : 0 E - M a il : nspalsingh@gmail.com. Blog  : aatejate.blogspot.com.   Career Objectives:- Looking for a position in a result-oriented organization whe

खबरों का संकलन 2021

 

कुछ ऐसा ही था हमारा जमाना

आओं तुम्हें बताऊं खेल पुराना कुछ ऐसा ही था हमारा जमाना टूटी हुई चप्पल के पहिए बनाना पंचर वाली टायर ट्यूब से उसके छल्ले लगाना दौड़ हमारी थी, लेकिन डंडी वाली गाड़ी का जीत जाना ईंट का घिस-घिस कर लट्टू बनाना फिर चीर की सुताई से उसको नचाना टक्कर मार- मार कर प्रतिद्वंदी का लट्टू हराना कुछ ऐसा ही था हमारा जमाना आओं तुम्हें बताऊं खेल पुराना टायर के साथ हाथ की थाप से दौड़ लगाना गुड्डा और गुड़िया का ब्याह करवाना  कबाड़े से गोला-पाक और बर्फ खाना कुछ ऐसा ही था हमारा जमाना बत्ती आने पर जोर से एक साथ शौर मचाना अंधरे में छुपन छिपाई का तो है खेल पुराना सोने से पहले चिराग को जोर वाली फूंक से बुझाना  बरसात में कागज की नांव बनाना फिर चींटे की उस पर सवारी कराना  सुबह शाम जब जंगल जाते थे जेब में रखकर आम और ककड़ी लाते थे अपने खेत में तरबूज होते हुए दूसरे के चुराना कुछ ऐसा ही था हमारा जमाना आओं तुम्हें बताऊं खेल पुराना बिन मौसम भी बाग में फल आते थे जब हम वहां खेल खेलने जाते थे  बगिया में वो खटिया पर नजर लगाना बाबा को परेशान कर भाग जाना तालाब- नदी में डुबकी लगाकर नहाना बैल भैंसिया की पूछ कर नदी पार  कर जाना प