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Showing posts from January, 2010

चुगलखोरो से परेशान

आपने चुगलखोरो के बारे में सुना ही, वैसे तो चुगलखोर हर गली हर मोहल्ले में मिल जाते है लेकिन आज में आपको एक चुगलखोर से मिलाता हु , ये चुगलखोर ऐसा चुगलखोर है जो अपने आप को सबसे जादा समझदार समझता है हलाकि लडकिया ईसे प्यार से भाई बोलती है फिर भी ये न जाने अपने आप को क्या समझता है इसका नाम तो इतनी तारीफ के बाद आप समझ ही गए होंगे इसलिए मुझे बताने की जरुरत नहीं है | मेरी एक राय है आपके लिए कभी भी अपनी बात बताने से पहेले १०० बार सोचे क्योकि ये एक समाचार एजंसी की तरह काम करता है जल्द से जल्द बाते लडकियो तक पहुचना इसकी पहचान है अगर आपने कोई अपनी पर्सनल बात गलती से भी बता दी तो और आपकी ये बात अगर जादा ही पर्सनल हुई तो ये बात जल्द से जल्द या लडकियो से जुडी हुई तो ये बात जल्द ही लडकियो के पास पहुच जाएगी और हा इसकी एक गर्लफ्रेंड भी है फिर भी ये उसका नाम बताने से डरता है अरे जब प्यार किया तो डरना क्या लेकिन दोस्तों ये दर नहीं ये दूसरी गर्लफ्रेंड बनाने का तरीका हो सकता है अगर जिसके बारे में ये लिखा गया है तो अगर उसको समझ आ गया है तो भाई ये जान लो की किसी फिल्म का डायेलोग है की लड़की …

नाले के रुप मे नदिया

नाले के रुप मे नदिया

यमुना नदी का नया नाम काली नदी !

आज देश में हर तरफ वायु मंडल गरम होने की बाते चल रही है | लेकिन एक तरफ माँ कही जाने ये नदिया गगा यमुना और आदि नदिया नाले की भाति दिखाई देती है क्योकि इनका पानी गंदे नाले की तरह दिखाई देता है ! एक समय था की नदियो के पास से गुजरने मात्र से मन को शांति मिलती थी और हम मन ही मन भगवान को याद करते थे लेकिन मन को शांत करने वाली ये नदिया
अब दुर्गंद देने लगी है अब इनके पास गुजरते समय मुह पर रुमाल लागये बिना नहीं रहा जाता है इसके पानी में से आने वाली सुगंद अब गंद का रूप ले चुकी है |इसलिए अब हम इसका नया नाम
काली नदी दे तो इसमें कोई परेशानी नहीं होगी क्योकि इसका पानी कला हो चूका है
अब इसमें जगह -जगह पन्नी कचरा आदि चीज़े बहती दिखाई देती नजर आ जाती है | कारण कई है लेकिन एक कारण हमने खुद ही बनया है वो कारण है आस्था का है | हम अपनी आस्था में इतने अंधे हो चुके है की हम अपनी माँ कही जाने वाली नदियो को अपवित्र और प्रधुषित` करने पर तुले हुए है हम आस्था के नाम पर धुपवती और मंदिरों में चढाई गई वस्तुए इसमें विसर्जित करते है इससे न केवल हम प्रधुषित कर रहे …

गणतंत्र दिवस तो याद रहा पर उन गरीबो को भूल गए है जिसके नाम पर गणतंत्र दिवस मना रहे है

गणतंत्र दिवस तो याद रहा पर उन गरीबो को भूलगए है जिसके नाम पर गणतंत्र दिवस मन रहे है
२६ जनवरी को हम बड़ी शान से ६० वे गणतंत्र दिवस को मनायेगे और इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है | इस दिन को हम इसलिए बड़े उत्साह से इसलिए मानते है क्योकि २६ जनवरी को हमारे सविधान को लागू किया गया था| सविधान का अर्थ होता जिससे किसी देश का शासन चलाया जाता है | एक तरह से ये दिवस हम लोगो आज़ादी की याद दिलाता है , क्योकि
आज़ादी के लगभग 5 महीनो के बाद ही सविधान को लागू किया गया था, इस दिन वो सविधान लागू किया गया था जिससे देश को सही विकाश और सभी को न्याय आदि मिल सके |
हम हर वर्ष बड़ी शान से गणतंत्र दिवस मानते है लेकिन इस गणतंत्र दिवस को मनाने वाली भारत की सरकार शायद अपने देश गण को भूल चुकी है जो इस देश मे रहते है वो गण जो गरीब है महगाई उससे दिन प्रतिदिन कैंसर की तरह पीड़ित कर रही है वो गरीब जो देश की सरकार को अपना वोट देता है क्योकि उसे लगता देश की सरकार उसको समस्याओं से निजात दिलाएगी
हम गणतंत्र दिवस तो मन रहे है पर आज भी हमारे देश का गण गरीबी से और महगाई जैसी न जाने कितनी समस्याओ से लड़ रहा है और मर भी …
आते आते पत्रकार सबी लोगो की तरह मैंने भी २००९ में १२ साल स्कूल जाकर आखिर बारहवी पास कर ही ली जब पड़ना था तो हम मस्ती करा करते थे स्कूल में डेस्क का बात बनाकर क्रिकेट खिलते और पुरे दिन मस्ती करते हा बस स्कूल में एक क्लास जरुर लेना पसंद था क्योकि मुझे भूगोल पड़ना अच्छा लगता था और भूगोल के सर मुझे बहुत प्यार करते थे मेरे दोस्त भी मेरा खेलेने में बहुत साथ देते थे वो भी मेरे साथ क्रिकेट खिलते और हम घुमने चले जाते ! लेकिन समय बीत चूका था और धीरे धीरे एक्साम का त्यौहार भी आ गया था और मेने अबी तक कुछ नहीं पड़ा था और मुझे अब ये चिंता सताने लगी की अब में पास कैसे होगा क्योकि मेने पुरे साल कुछ भी नहीं पड़ा था लेकिन अब मेने एक फैसला लिया की अब हम सब मिलकर पड़ेगे और बढ़िया नंबर से पास होंगे फेबरी में मेरी सिस्टर सादी थी फिर मेने सोचा जो हुआ जो हुआ लेकिन अब पड़ना था में और मेरे दोस्त पेपर सुरु होने से पहेले हमने प[अदना सुरु कर दिया और हम लोग एक साथ पड़े और हमारा एक दोस्त एक महिना पड़कर स्कूल टॉप कर दिया और हम भी जेयदा नहीं तो सही नंबर से पास हो ही गए रिजल्ट आने के बाद हम कॉलेज में दाखिले के लिए दो…