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Showing posts from 2010
Hello Friends !!! We will going to launch a new Hindi News Web Portal " LOKMANCH.COM " .बदलाव की आहट You are cordially and heartly invited in this Inaugration Ceremony.  Details are following... Date  -- 01 january २०११  Time  -- 11 am Venue  -- 13, Firozshah Road, New Delhi near mandi house and patel chowk metro station.. नमस्कार दोस्तों ! हम एक नया हिंदी न्यूज़ वेब पोर्टल शुरू कर रहे हैं ! "लोकमंच.कॉम"   बदलाव की आहट     नाम से ये पोर्टल शुरू हो रहा है  जो पत्रकारिता के मानकों के अनुसार सूचना का आदान प्रदान करेगा !!  आप सभी इसके उद्घाटन समारोह में आग्रहपूर्वक सादर आमंत्रित हैं ! कार्यक्रम की जानकारियां इस प्रकार हैं ---  तिथि  -- शनिवार, 11 जनवरी 2011 समय  -- प्रातः 11 बजे  स्थान  -- 13 फिरोजशाह रोड, नई दिल्ली मंडी  हाउस मेट्रो स्टेशन के निकट      NIHAL SINGH    9999470587    RAMENDRA MISHRA   9654285764

कुछ ही समय पुरानी एक कहानी है

कुछ ही समय पुरानी एक कहानी है दो दिलो के मिलने की एक अजीब सी कहानी है जो आज आपसे बताने की मन की बात मानी है पढते- पढते हुई जवा हुई थी एक प्रेम कहानी है जब नहीं पाता था प्यार का असली अर्थ जबकि ये हमारी कहानी है  स्कूल में  दो दिलो के मिलने की एक स्कूल में बनी थी ये प्रेम कहानी एक दिन उनके परिचय से जब हमारा परिचय हुआ छवि बनाई कुछ दिनों बाद पार्क में मिलना हुआ क्या वो दिन थे , जब हम साथ थे दूर रहकर भी वो हमारे और हम उनके पास थे मोहबत में कुर्बान कर दी हमने अपनी आज फिर उनकी याद सता रही है ये दिल की आवाज फिर उन्हें पुकार रही है लगता है नाराज है वो हमसे इस दिल की आवाज नाराजगी का कारण को बतला दो क्या खता हुई हमे ये तो समझा  दो नहीं है समय तुमरे पास ये भी बताने का बस अपनी दिल की नाराजगी तो समझा दो में इन्तजार करूँगा तुमारा ... फुर्सत मिले तो आ जाना मेरे दिल को आज भी है तुमारा इन्तजार ...

दीपावली से दिवाली का दौर

दीपावली से दिवाली का दौर  दीपावली का अर्थ सामान्यत  दीपो को जलाकर खुशिया मानाने वाला त्यौहार माना जाता आ रहा है । क्योंकि  भारतीय ग्रंथो व पुराणों की माने तो १४ वर्ष का वनवास को पूरा करने के बाद पुरोशोतम श्री राम रावण का वध  तथा लंका पर विजय प्राप्ति के पश्चात वह अयोध्या लोटे थे , और इस दिन राम के अयोध्या लोटने की खुसी में अयोध्या वाशियों ने अपनी खुसी  जाहिर करने के लिए अपने-अपने घरो में घी के दीपक जलाये थे । जिससे सारी अयोध्या नगरी दीपो की रौशनी म डूब गई थी।  दीपावली ने अपने कई दौर देखे है । इसमें एक दौर है  90 का जिसमे   हम मिटटी की बनी मूर्तियों की पूजा की जाती थी । व मिटटी के दीपक और सफेद रंग की मोटी मोमबत्ती को जलाया जाता था। और राम के भक्ति संगीत का भी आयोजन किया जाता था, लेकिन जैसे जैसे दीपावली से दीपावली शब्द दिवाली में सिकुड़कर छोटा हो गया है क्यांेकि आज कल जादातर देखा जाता है । कि लोग दीपावली को दिवाली बोलने लगे है, लेकिन वैसे वैसे ही दिवाली मानाने तरीके व रिवाजे में भी बहुत बड़ी संख्या में  बड़ा इजाफा हुआ  है। चाइनीज दिवाली  आज हम जब हम आधुनिक होने का दम भरते है । लेकि

बटोरने की लड़ाई

जैसा कि सबको पता है की ३० सितम्बर २०१० इतिहास बन गया है क्योकि लगभग वर्षो पहले सुरु हुए विवाद का हल आज आगया है और अयोध्या और देश में रहने वाले हर धर्म के नागरिक ने फैसले को स्वीकार करते नजर आ रहे है.और एक रहत भारी साँस ली है क्योकि देश में साम्पदायिक भड़कने की चिंता थी लेकिन अब हर भारतीय एक नए भारत की और बाद रहा है तो उसे अब भारत की न्यायपालिका  पर भरोषा होना भी जायज है|   लेकिन इस दिन मीडिया चैनेलो में जो टी आर पी बटोरने की होड़ अलग ही दिखाई पड़ रही थी हलाकि सभी मीडिया चैनल टी आर पी  के लिए ही तो ये सब करते है | लेकिन ३० सितम्बर  को  जो होड़ सभी मीडिया  चैनलो में दिखाई पड़ रही थी वो देखने लायक थी | अपनी सीमा में रहा मीडिया  अगर एक दो चैनलो की बात न करे तो लगभग सभी बड़े मीडिया चैनल अपनी सीमा के अन्दर रिपोटिंग करते नजर आये  लेकिन टी आर पी के खेल में फैसला आने से पहले कोई फैसला आने से लगभग १० मिनट पहले ही ५ मिनट में आने वाला है फैसला की फ्लेश लाइन चलाकर दर्शको को दुसरे चैनल पर न जाने पर कामयाब रहा. और कोई ८ विंडो की लाइव खबर चलाकर कामयाब दिख रहा था लेकिन कुछ भी सही अपनी हद

जन्म दिन कि हार्दिक सुभकामनाये

जन्म दिन कि हार्दिक सुभकामनाये शहीद भगत सिंह का जन्म २७ /०९/१९०७ को हुआ इसलिए सभी भारत वाशियों कि तरफ से आपको हार्दिक सुभकामनाये हमे आप जैसे धरती माँ के बेटे पर हमेशा  गर्व रहेगा | चाहे भारत सरकार याद रखे या न रखे  हमे याद है आपका जन्म दिन ..........

अपना धर्म और ईमान भूले दिल्ली के सफदरगंज अश्पताल के डॉक्टर

अपना धर्म और ईमान भूले दिल्ली के सफदरगंज अश्पताल के डॉक्टर जब किसी सरकारी कर्मचारी को देश कि सेवा करने का मौका दिया जाता है तो उससे एक सपथ ली जाती है कि वे देश में इमानदारी और अपने ईमान  को ध्यान में रखकर देश कि सेवा करेगा | लेकिन शायद अब सफदरगंज  अश्पताल के डोक्टारो को वो सपथ याद नहीं है जिससे ये लगता है कि वे अप ईमान भूल चुके है और जीने इस दुनिया में भगवान् का दर्जा दिया जाता है अब वो उन लोगो के लिए  सैतान बन चुके है जो लोग ( मरीज ) इलाज के लिए सफदरगंज  अश्पताल में इलाज के लिए इधर उधर भटक रहे है , कोई गर्भवती महिला  है और कोई राजधानी जब डेंगू  एक गंभीर रूप ले चूका है उस समय ये लगभग ७०० डॉक्टर और सभी महिला कर्मी भी अनिचित्कालिन हड़ताल पर चले गए है  , जैसे इन्हें अपने देश की सेवा करने की जो शपथ ली थी इन्हें उसकी कोई परवाह ही नहीं क्या प्रशासन ये भूल गया है की इस शपथ का पालन न  करने पर क्या कदम उठाया जाता  है  खैर दिल्ली में सुरक्षा कि मांग करने वाले  सफदरगंज  अश्पताल के के डाक्टरों  को भला अब कोन समझाए कि जिस राजधानी में प्रतिदिन लूटपाट और बलात्कार और चोरी डकेती होती काफी बड़ी मात

एक पोस्ट दोस्तों के नाम

ये तो छोटी सी छवि है मेरे दोस्तों की इसकी लिस्ट काफी लाभी है अगली पोस्ट में और छविय देने की कोसिस की जाएगी  एक पोस्ट दोस्तों के नाम दोस्तों आपने दुनिया में दोस्तों के बहुत सी मिशाले सुनी व देखी होंगी में भी एक मिशाल आपके सामने रखने जा रहा हु  की ये मिशाल भी  कृष्ण और सुदामा   की दोस्ती से कम  नहीं हो सकती बस फर्क इनता है की वो दोस्ती सतयुग में हुई थी और इस समय हमारी दोस्ती कलयुग में हुई है, ये अपने आप में एक खुद आच्मे वाली बात है मेरे दोस्त इस समय भी मुझसे दोस्ती निभा रहे है पाता नहीं में निभा पा रहा हु या नहीं ये बात मुझे भी नहीं पता लेकिन मेरे दोस्त दोस्ती सही ढंग से निभा रहे है एक ऐसा ही उदहारण आपको हाल का ही सुनाता हु में पत्रकारिता का  छात्र हु और में इस वर्ष कॉलेज की चुनावी जंग में कुंद गया जिसमे मेरे दोस्तों में मुझसे जादा महनत की और हम कामयाब भी हुए हमें बहुत से लोगो से प्यार और सहयोग मिला में उनका सुकर्यादा करता हु जिन्होंने मुझे इस लायक समझा और मुझे सहयोग किया मुझे हार जीत से कोई फर्क नहीं पड़ता किसी विद्वान् ने कहा है की हार जीत कोई मायने नहीं रखती में मैदान में उतर

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डी यू के रिजल्ट देरी होने से छात्रों में गहरा आक्रोश

डी यू के लगभग सभी कोर्से रिजल्ट  घोषित किये जा चुके है लेकिन डी यू में ४ कॉलेज में चलने वाले एक मात्र पाठ्यक्रम पत्रकारिता का परिणाम अभी तक नहीं घोषित हुआ है. जिसके कारन इस पाठ्यक्रम में पड़ने वाले छात्र काफी परेशां है | परिणाम आने की देरी को लेकर डी यू के छात्र ऑरकुट ( SOCIAL NETWORKING WEBSITE ) पर कुछ  अपनी मन की बाते जाहिर की है तो पेश है कुछ अंश  RAKESH RANJAN - says ""now its enough, ab main kabhi DU ka website check nahi karunga.. "*"T/-\R|_||\|"* V@T$ - says "ho gaye pyaase result ke....jaane kab aayega...du k patrakaarita vibhaag me mach gaya haahakaar" view more comments Loading... all comments shown ŚÁČℋℐஇ • » αηgєℓιzє∂ ∂єνιℓ « • hehehe shabash ladke ek line mein saari feelings describe kr di.. rohit IIMC'ian - says "apna result kab ayega??????????????" view more comments Loading... all comments shown RAKESH RANJAN aaega bhai, ek din..................... ATUL ***WARNING: Result Ahead*** abe kabhi bhi aae... ab main tang

मीडिया खबर डाट कॉम पर भीम राव आंबेडकर कॉलेज की प्रतिभा -

दिव्या तोमर ने ज्वाइन किया आई बी एन 7 फरेवेल  के दोरान दिव्या  तोमर   जी  की फोटो- निहाल सिंह  दिल्ली विसविध्यालय में पत्रकारिता कोर्से में एक कृतिमान हासिल पहेले से ही है | क्योकि दिल्ली विशाविध्य्लाये के भीम  राव आंबेडकर कॉलेज ने इस कोर्से की नीव सन १९९४ में राखी गई थी जब ये कॉलेज गीता कालोनी में चलता था;  फिर इसकी नई ईमारत का निर्माण वजीराबाद रोड दिल्ली -५३ में हो गया और अब यही पर विद्याथियो को पढाया जा रहा है; या इस कॉलेज का सोभाग्य ऐसा है की इस  कॉलेज से लोग पढ़कर अपने अपने छेत्र में काफी सहर्निये काम कर रहे है | यह पहली बार नहीं हुआ है की भीम राव आंबेडकर कॉलेज से  पत्रकारिता का छात्र किसी बड़े चैनल  में किसी को जॉब मिली हो  पहेले भी रीमा पराशर ( आज तक ), संजय नंदन ( स्टार न्यूज़ ) विकास कौशिक ( इंडिया टीवी ) और राजेश सर ( नव भारत ) और ADHI लोग   काम कर रहे है , और इसी कड़ी  में जुड़ गया  एक और नाम दिव्या तोमर एक ऐसी  छात्रा जिसको देखने से ही लगता था की ये कुछ न जरुर करके दिखाएंगी और उन्होंने ऐसा कर दिखया दिव्या जी के क्लास के बाकी लोग भी काफी प्रतिभा साली है  | मेरी उनसे पहल

मन करता है कुछ लिखू

मन करता है कुछ   लिखू  फिर सोचता हु की क्या लिखू उनके लिए लिखू जिन्हें सुबह के खाने क बाद शाम के खाने का पता नहीं होता  या उनके लिए लिखू जो जिन्हें सुबह खाने के बाद शाम का खाना पहेले से ही उनका इन्तजार करता है||||| फिर मन करता है की कुछ लिखू  की सोचता हु की ऐसा लिखू की  शायद इस देश में  ऐसा हो जाये  रात को कोई माँ और उसका बच्चा भूखा न सो जाये ||| जिसके वजह से माँ की आँख में अपने लाल के लिए कभी आशु न आये  मन करता है की कुछ लिखू  फिर सोचता हु की क्या लिखू  ऐसा लिखू जो दूसरो के काम आये  या ऐसा लिखू जो इतिहास बन जाये || मन करता है की कुछ लिखू  फिर सोचता हु की क्या लिखू  फिर थोड़ी ख़ुशी आती और मन कहता है  कोई तो  आये जो मेरे मन को समझाये ||| की दिल की बात दिल में न रह जाये  अभी समय है पता नहीं कल आये या न आये कल ईशवर ने तुजे बुला लिया तो  कही धरती पर आने  का मकशद  पूरा हो पाए  और फिर आने वाले सालों में कई माँ कही बुखी न सो जाये ||| मन करता है कुछ  लिखू  की सभी ऐसे बन जाए  की की कोई किसी निर्बल पर हावी न हो पाए |||| मन कहता है की तू लिख जो  और तू कर भलाई  और तेरी सुनेगा कोई हिन्दुस्तानी भ

एक और रेल हादसा कसूरवार कौन ? ???????????

एक के बाद रेल हादसे बंद होने का नाम नहीं ले रहे है, और एक के बाद बेगुनाहों की जान जाती जा रही है | इससे रेल मंत्रालय को कोई असर नहीं पड़ता उसे तो बस रेल हादसों पर कड़ी निंदा जतानी है और लाख -२ लाख का मुआवजे का ऐलान करके अपना पल्ला साफ़ कर के अलग हो जाना है, आइये जानते पिछले बीते सालों में हुए रेल हादसों की सूची देश में कुछ प्रमुख ट्रेन हादसों काघटनाक्रम इस प्रकार है: 9 नवंबर, 2006: पश्चिम बंगाल रेल दुर्घटना में 40 लोगों की मौत, 15 घायल . 1 दिसंबर, 2006: आपके के भागलपुर जिले में 150 साल पुराने पुल को तोड़ते समय एक हिस्सा ट्रेन पर गिरने से 35 लोगों की मौतहोगयी जबकि 17 घायल हो क. 14 नवंबर, 2009: दिल्ली जा रही मंडोर एक्सप्रेस जयपुर के निकट बस्सी में पटरी से उतर गयी जिसका कुछ हिस्सा एसी आपके आपके में जाघुसा. दुर्घटना में 07 की मौत हो गेe जबकि 60 से अधिक घायल हो गये. 21 अक्तूबर, 2009: उत्तर प्रदेश में उत्तर रेलवे के मथुरा वृंदावन सेक्शन पर वंजारा में गोवा एक्सप्रेस ने मेवाड़ एक्सप्रेस को टक्कर मार दीजिससे 22 लोगों की मौत हो गयी जबकि 26 अन्य घायल हो गये. 2 जनवरी, 20

भविष्यवाणी

इंग्लेंड को क्रिकेट का जन्म दाता मना जाता है, और सन १९७५ से अंतरराष्टीय क्रिकेट की सुरुवात होती है और जब से लेकर अब तक बड़े आश्चर्य की बात है की क्रिकेट को जन्म देने वाले कभी भी कोई बड़ा खिताभ नहीं जीत पाए या तो इससे आश्चर्य मान लीजिये या इंग्लेंड की बद किस्मती की वह अभी तक ना तो कोई कोई विशव कप जीते है ना ही टी-२० कई कप्तान आये और गए लेकिन कोई बड़ी कामयाबी हासिल इस टीम ने नहीं की है लेकिन अब ऐसा लगा रहा है की जो करिश्मा पिछले कई दसको से नहीं हुआ वो अब सन २०१० में हो जायेगा क्योकि श्रीलंका को हरा कर इंग्लेंड ने फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है, और अब ऐसा लग रहा है की सन २०१० इंग्लेंड के क्रिकेट इतिहास में सुनहरे सब्दो में लिखा जायेगा क्योकि उम्मीद यही है की इस वर्ष इंग्लेंड टी-२० कप जितने के बाद ही सास लेगा और इस सब बैटन को देखते हुए ये भविष्य वाणी करनी गलत नहीं होगी की इंग्लेंड क्रिकेट में अपना इतिहास सुनहरे सब्दो में लिखने जा रहा है

तस्वीर हिंदुस्तान देनिक मैं 20/12/2010

बुरा ना मानो महगाई है !

होली आ गई है बाजारों में भीड़ पहेले की मुताबिक कम है क्योकि महगाई ने होली के रंगों को हल्का कर दिया है , इस बार होली का रंगों और पिचकारियो के आसमान छु चुके दामो ने लोगो के चेहरों के रंग उडा दिए है ......... भैया चारो तरफ महागाई है फिर कहा किसे सुध होली की आई है ????????????? इस मोके पर चार पंक्तिया पेश करने की मन में आई है होली आई है रंगों की महगाई ने वाट लगाईं है रंगों की पिचकारी भी चल रही है बिन पानी के क्योकि पानी के दाम बढने के बाद होली आई है चीनी के बड़े दामो से ....... गुजिया भी लग रही है फीकी पापड़ भी कच्चे खाने पढ़ जायेंगे क्योकि तेल बिन हम यही कर पाएंगे कैसे जायेंगे रिश्ते दारो के घर क्या पेट्रोल क्या शीला दीछित के चाचा भरवाएंगे प्रणव ने बजट में महगाई ही महगाई दिखाई है और इस बात के साबशी पाई है की उसकी सरकार फिर एक बार महगाई रोकने में नाकामयाब नजर आई है भैया हो जाओ तैयार फिर आम आदमी की सरकार आम आदमी को मरने को आई है क्योकि ये मुशीबत निहाल सिंह को सताई है इसलिए ये नै पोस्ट कर दी हमने भाई |